हजारीबाग में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा
Major Bribery Scandal Exposed in Hazaribagh
हजारीबाग। जलपथ प्रमंडल बरही में रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हजारीबाग की टीम ने गुरुवार को जलपथ प्रमंडल बरही के कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो और सहायक अभियंता चिरंजीवी दांगी को 1.72 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की शुरुआत गिरीडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के खरखरी गांव निवासी ब्रजेश कुमार राय की शिकायत से हुई।
ब्रजेश कुमार राय ने एसीबी को बताया कि उनकी कंपनी गंगा कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को पंचखेरो रिजर्वायर योजना के तहत सड़क, पैरापेट, बैरियर, ड्रेन और बाउंड्री पिलर निर्माण का कार्य मिला है। इस कार्य का एग्रीमेंट संख्या 032एफ/2024-25 है।
परिवादी ने आरोप लगाया कि कार्यपालक अभियंता राहुल कुमार मालतो दिसंबर में हुए संशोधित एग्रीमेंट की राशि का एक प्रतिशत, अब तक हुए भुगतान का एक प्रतिशत और उड़नदस्ता टीम के नाम पर चार लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
कुल मिलाकर पांच लाख रुपये रिश्वत देने का दबाव बनाया जा रहा था। पैसे नहीं देने पर भुगतान रोकने और काम में बाधा डालने की धमकी दी जा रही थी।
जांच में सही मिला आरोप
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद मामले का सत्यापन कराया। जांच में यह आरोप सही पाया गया कि राहुल कुमार मालतो और सहायक अभियंता चिरंजीवी दांगी मिलकर रिश्वत मांग रहे थे।
सत्यापन में 1.72 लाख रुपये तत्काल देने की बात सामने आई। इसके बाद एसीबी हजारीबाग थाना कांड संख्या 03/2026 दिनांक 8 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया। वहीं, गुरुवार को दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में एसीबी की ट्रैप टीम ने कार्रवाई की।
जैसे ही दोनों अधिकारियों ने ब्रजेश कुमार राय से 1.72 लाख रुपये लिए, टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसीबी अब दोनों अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। जांच इस बात की भी की जा रही है कि रिश्वतखोरी के इस खेल में विभाग के और कौन-कौन लोग शामिल हैं।